नथिया झुमका बिंदिया बाली, सब जगह पर बाटे
काहे अखियां टुकटुक ताके।
तनी बोल $ ए जान, बोलिए में महुआ के रस टपके
तोहर नैना के बान, आके करेजवा के बीचे अटके
अँखिया चार भईल बा जब से, मुस्की तोहर डांटे।
का बतलाईं सुख केतना मिलल बा तोहके पाके।
बन अंजोरिया के चांन, अंगना में हमारा अंजोर करतू
हमर राखि लेतू मान, संझिया से जागल तू भोर करतू
साजल सपना सच कई दीहतू, मन पिंजरा में ना आटे।
धनिया कोरा आ के।
साध लागल गोरी, ध $के अकवरिया नेहाल होइती
तू रूस जईतू, मनावेला हमहूँ बेहाल होइती
अमित के कुछऊ निक ना लागे तोहरा के बिसरा के।
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